सूर्य आत्मा का, चन्द्र मन का, मंगल बल का, बुध वाणी का, गुरु ज्ञान और सुख का, शुक्र काम का, और शनि (सूर्य-पुत्र) दुःख का कारक है। सूर्य और चन्द्र दो राजा हैं; मंगल सेनापति; बुध युवराज; गुरु और शुक्र (देव-गुरु और दानव-गुरु) दो मन्त्री; और शनि सेवक है।
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
चतुर्थी (4/15 · तक 07:42)
नक्षत्र
अश्विनी
चन्द्र राशि
मेष
चन्द्र–सूर्य कोण
227.2°
तिथि के स्वामी
यम Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता पूर्णचन्द्र
बाँटना
बुधवार, 2 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · पंचमी
प्रकाश75%
पक्ष-बल67%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
पंचमी (5/15 · तक 06:13)
नक्षत्र
भरणी
चन्द्र राशि
मेष
चन्द्र–सूर्य कोण
240°
तिथि के स्वामी
शशांक (चन्द्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
कृष्ण अर्धचन्द्र
समीक्षा
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · सप्तमी
प्रकाश65%
पक्ष-बल59%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
सप्तमी (7/15 · तक 02:26 (next day))
नक्षत्र
कृत्तिका
चन्द्र राशि
मेष
चन्द्र–सूर्य कोण
252.9°
तिथि के स्वामी
शक्र (इन्द्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
फिर आधा बिम्ब, अब भोर से पहले। मन चिन्तनशील और थोड़ा आलोचक हो जाता है — यह उपयोगी है, यदि इसे स्वयं पर नहीं, योजनाओं पर लगाया जाए। समीक्षा कीजिए, छाँटिए और क्षमा कीजिए।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
महीने की प्रतिबद्धताएँ देखिए और जो अब काम की नहीं, उसे छोड़ दीजिए।
भीतर के आलोचक को पहचानिए; उसे वैसे उत्तर दीजिए जैसे किसी मित्र को देते।
सन्ध्या को नाड़ी-शोधन (अनुलोम-विलोम) के दस धीमे चक्र।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
कृष्ण अर्धचन्द्र
समीक्षा
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · अष्टमी
प्रकाश53%
पक्ष-बल52%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
अष्टमी (8/15 · तक 00:14 (next day))
नक्षत्र
रोहिणी
चन्द्र राशि
वृषभ
चन्द्र–सूर्य कोण
266°
तिथि के स्वामी
वसु Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
फिर आधा बिम्ब, अब भोर से पहले। मन चिन्तनशील और थोड़ा आलोचक हो जाता है — यह उपयोगी है, यदि इसे स्वयं पर नहीं, योजनाओं पर लगाया जाए। समीक्षा कीजिए, छाँटिए और क्षमा कीजिए।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
तीन सहायक उपाय
महीने की प्रतिबद्धताएँ देखिए और जो अब काम की नहीं, उसे छोड़ दीजिए।
भीतर के आलोचक को पहचानिए; उसे वैसे उत्तर दीजिए जैसे किसी मित्र को देते।
सन्ध्या को नाड़ी-शोधन (अनुलोम-विलोम) के दस धीमे चक्र।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
कृष्ण अर्धचन्द्र
समीक्षा
शनिवार, 5 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · नवमी
प्रकाश42%
पक्ष-बल45%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
नवमी (9/15 · तक 21:54)
नक्षत्र
मृगशिरा
चन्द्र राशि
वृषभ
चन्द्र–सूर्य कोण
279.3°
तिथि के स्वामी
भुजग (नाग) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
फिर आधा बिम्ब, अब भोर से पहले। मन चिन्तनशील और थोड़ा आलोचक हो जाता है — यह उपयोगी है, यदि इसे स्वयं पर नहीं, योजनाओं पर लगाया जाए। समीक्षा कीजिए, छाँटिए और क्षमा कीजिए।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
महीने की प्रतिबद्धताएँ देखिए और जो अब काम की नहीं, उसे छोड़ दीजिए।
भीतर के आलोचक को पहचानिए; उसे वैसे उत्तर दीजिए जैसे किसी मित्र को देते।
सन्ध्या को नाड़ी-शोधन (अनुलोम-विलोम) के दस धीमे चक्र।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता बालचन्द्र
विसर्जन
रविवार, 6 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · दशमी
प्रकाश31%
पक्ष-बल37%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
दशमी (10/15 · तक 19:30)
नक्षत्र
आर्द्रा
चन्द्र राशि
मिथुन
चन्द्र–सूर्य कोण
292.6°
तिथि के स्वामी
धर्म Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
भोर से पहले पतली रेखा; चक्र पूरा हो रहा है। मन कम माँगता है — कम सूचनाएँ, कम योजनाएँ। अब विश्राम ही उत्पादक है; यहाँ जो आप साफ़ करते हैं, वही नए संकल्प के लिए स्थान बनाता है।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
डिजिटल सूर्यास्त: रात ८ बजे के बाद समाचार या सोशल फ़ीड नहीं।
एक ताक़ साफ़ कीजिए; छोटे काम पूरे करने से मन शान्त होता है।
इन कुछ रातों में सामान्य से आधा घण्टा पहले सोइए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता बालचन्द्र
विसर्जन
सोमवार, 7 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · एकादशी
प्रकाश21%
पक्ष-बल30%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
एकादशी (11/15 · तक 17:05)
नक्षत्र
पुनर्वसु
चन्द्र राशि
मिथुन
चन्द्र–सूर्य कोण
305.9°
तिथि के स्वामी
ईश (रुद्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
नन्दा “आनन्द देने वाली”
आज का मन
भोर से पहले पतली रेखा; चक्र पूरा हो रहा है। मन कम माँगता है — कम सूचनाएँ, कम योजनाएँ। अब विश्राम ही उत्पादक है; यहाँ जो आप साफ़ करते हैं, वही नए संकल्प के लिए स्थान बनाता है।
नन्दा — जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
एकादशी — ग्यारहवीं तिथि, विष्णु के लिए व्रत का दिन। आज हल्का आहार (फल, एक अन्न-रहित भोजन) भी शरीर को विश्राम और ध्यान को स्थिरता देता है।
तीन सहायक उपाय
डिजिटल सूर्यास्त: रात ८ बजे के बाद समाचार या सोशल फ़ीड नहीं।
एक ताक़ साफ़ कीजिए; छोटे काम पूरे करने से मन शान्त होता है।
इन कुछ रातों में सामान्य से आधा घण्टा पहले सोइए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता बालचन्द्र
विसर्जन
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · द्वादशी
प्रकाश12%
पक्ष-बल23%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
द्वादशी (12/15 · तक 14:43)
नक्षत्र
पुष्य
चन्द्र राशि
कर्क
चन्द्र–सूर्य कोण
319.3°
तिथि के स्वामी
सविता (सूर्य) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
भोर से पहले पतली रेखा; चक्र पूरा हो रहा है। मन कम माँगता है — कम सूचनाएँ, कम योजनाएँ। अब विश्राम ही उत्पादक है; यहाँ जो आप साफ़ करते हैं, वही नए संकल्प के लिए स्थान बनाता है।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
डिजिटल सूर्यास्त: रात ८ बजे के बाद समाचार या सोशल फ़ीड नहीं।
एक ताक़ साफ़ कीजिए; छोटे काम पूरे करने से मन शान्त होता है।
इन कुछ रातों में सामान्य से आधा घण्टा पहले सोइए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता बालचन्द्र
विसर्जन
बुधवार, 9 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · त्रयोदशी
प्रकाश6%
पक्ष-बल15%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
त्रयोदशी (13/15 · तक 12:31)
नक्षत्र
आश्लेषा
चन्द्र राशि
कर्क
चन्द्र–सूर्य कोण
332.5°
तिथि के स्वामी
मन्मथ (काम) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
भोर से पहले पतली रेखा; चक्र पूरा हो रहा है। मन कम माँगता है — कम सूचनाएँ, कम योजनाएँ। अब विश्राम ही उत्पादक है; यहाँ जो आप साफ़ करते हैं, वही नए संकल्प के लिए स्थान बनाता है।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
प्रदोष — त्रयोदशी; सन्ध्या का समय शिव का है। गोधूलि शान्ति से बिताइए: एक दीप, कुछ मिनट की स्थिरता।
तीन सहायक उपाय
डिजिटल सूर्यास्त: रात ८ बजे के बाद समाचार या सोशल फ़ीड नहीं।
एक ताक़ साफ़ कीजिए; छोटे काम पूरे करने से मन शान्त होता है।
इन कुछ रातों में सामान्य से आधा घण्टा पहले सोइए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता बालचन्द्र
विसर्जन
गुरुवार, 10 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · चतुर्दशी
प्रकाश2%
पक्ष-बल8%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
चतुर्दशी (14/15 · तक 10:34)
नक्षत्र
मघा
चन्द्र राशि
सिंह
चन्द्र–सूर्य कोण
345.6°
तिथि के स्वामी
कलि Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
भोर से पहले पतली रेखा; चक्र पूरा हो रहा है। मन कम माँगता है — कम सूचनाएँ, कम योजनाएँ। अब विश्राम ही उत्पादक है; यहाँ जो आप साफ़ करते हैं, वही नए संकल्प के लिए स्थान बनाता है।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
डिजिटल सूर्यास्त: रात ८ बजे के बाद समाचार या सोशल फ़ीड नहीं।
एक ताक़ साफ़ कीजिए; छोटे काम पूरे करने से मन शान्त होता है।
इन कुछ रातों में सामान्य से आधा घण्टा पहले सोइए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
अमावस्या का चन्द्र
विश्राम
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · अमावस्या
प्रकाश0%
पक्ष-बल1%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
अमावस्या (15/15 · तक 08:57)
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
चन्द्र राशि
सिंह
चन्द्र–सूर्य कोण
358.5°
तिथि के स्वामी
पितर Bṛhat Saṁhitā 98.2
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा सूर्य के पास विश्राम करता है और रात अँधेरी है — मन को भी विश्राम का निमन्त्रण है। परम्परा यह दिन पितरों और मौन को देती है। ऊर्जा कम लग सकती है; यह दिन का स्वभाव है, आपकी कमी नहीं।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
शाम हल्की रखिए: जल्दी और सादा भोजन, सोने से एक घण्टा पहले स्क्रीन बन्द।
अपने बड़ों को याद कीजिए — दीप जलाइए, जल अर्पित कीजिए, या दादा-दादी को फ़ोन ही कर लीजिए।
दस मिनट का मौन। कल से आरम्भ होने वाले पक्ष के लिए एक संकल्प लिखिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
शनिवार, 12 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · प्रतिपदा
प्रकाश1%
पक्ष-बल6%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
प्रतिपदा (1/15 · तक 07:47)
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
चन्द्र राशि
कन्या
चन्द्र–सूर्य कोण
11.2°
तिथि के स्वामी
ब्रह्मा Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
नन्दा “आनन्द देने वाली”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
नन्दा — जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
रविवार, 13 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · द्वितीया
प्रकाश4%
पक्ष-बल13%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
द्वितीया (2/15 · तक 07:09)
नक्षत्र
हस्त
चन्द्र राशि
कन्या
चन्द्र–सूर्य कोण
23.5°
तिथि के स्वामी
विधाता Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
सोमवार, 14 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · तृतीया
प्रकाश9%
पक्ष-बल20%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
तृतीया (3/15 · तक 07:07)
नक्षत्र
चित्रा
चन्द्र राशि
तुला
चन्द्र–सूर्य कोण
35.6°
तिथि के स्वामी
हरि (विष्णु) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
मंगलवार, 15 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · चतुर्थी
प्रकाश16%
पक्ष-बल26%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
चतुर्थी (4/15 · तक 07:45)
नक्षत्र
स्वाति
चन्द्र राशि
तुला
चन्द्र–सूर्य कोण
47.3°
तिथि के स्वामी
यम Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
बुधवार, 16 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · पंचमी
प्रकाश24%
पक्ष-बल33%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
पंचमी (5/15 · तक 09:00)
नक्षत्र
विशाखा
चन्द्र राशि
तुला
चन्द्र–सूर्य कोण
58.7°
तिथि के स्वामी
शशांक (चन्द्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
बढ़ता बालचन्द्र
आरम्भ
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · षष्ठी
प्रकाश33%
पक्ष-बल39%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
षष्ठी (6/15 · तक 10:48)
नक्षत्र
अनुराधा
चन्द्र राशि
वृश्चिक
चन्द्र–सूर्य कोण
69.9°
तिथि के स्वामी
षड्वक्त्र (स्कन्द) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
नन्दा “आनन्द देने वाली”
आज का मन
सन्ध्या के आकाश में पतली उजली रेखा लौट आती है। मन फिर बाहर की ओर मुड़ता है: जिज्ञासा और आशा सहज आती हैं। छोटा आरम्भ कीजिए और आदत को चन्द्रमा के साथ बढ़ने दीजिए।
नन्दा — जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
तीन सहायक उपाय
एक छोटी आदत शुरू कीजिए — पाँच मिनट भी काफ़ी हैं — और इस कैलेण्डर पर अंकित कीजिए।
सूर्यास्त के बाद बाहर निकलकर पश्चिम में बालचन्द्र खोजिए; एक मिनट ऊपर देखना दिन को नया कर देता है।
जिस एक व्यक्ति को सन्देश भेजने का मन था, आज भेज दीजिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
शुक्ल अर्धचन्द्र
प्रयास
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · सप्तमी
प्रकाश42%
पक्ष-बल45%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
सप्तमी (7/15 · तक 13:02)
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चन्द्र राशि
वृश्चिक
चन्द्र–सूर्य कोण
80.9°
तिथि के स्वामी
शक्र (इन्द्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
आधा बिम्ब प्रकाशित है और उजाला बढ़ रहा है। योजनाओं को पहली रुकावट इन्हीं दिनों मिलती है; थोड़ा घर्षण गति का ही चिह्न है। इसका उत्तर शरीर से दीजिए — चलिए, साँस लीजिए, और निर्णय कीजिए।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
दिन के सबसे कठिन काम से पहले बीस मिनट तेज़ चलना या सूर्य-नमस्कार।
चिड़चिड़ाहट उठे तो छह की गिनती तक धीरे साँस छोड़िए, पाँच बार।
जिस निर्णय के चारों ओर आप घूम रहे हैं, वह ले लीजिए; पूरी योजना नहीं, केवल अगला क़दम लिखिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
शुक्ल अर्धचन्द्र
प्रयास
शनिवार, 19 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · अष्टमी
प्रकाश52%
पक्ष-बल51%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
अष्टमी (8/15 · तक 15:28)
नक्षत्र
मूल
चन्द्र राशि
धनु
चन्द्र–सूर्य कोण
91.8°
तिथि के स्वामी
वसु Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
आधा बिम्ब प्रकाशित है और उजाला बढ़ रहा है। योजनाओं को पहली रुकावट इन्हीं दिनों मिलती है; थोड़ा घर्षण गति का ही चिह्न है। इसका उत्तर शरीर से दीजिए — चलिए, साँस लीजिए, और निर्णय कीजिए।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
तीन सहायक उपाय
दिन के सबसे कठिन काम से पहले बीस मिनट तेज़ चलना या सूर्य-नमस्कार।
चिड़चिड़ाहट उठे तो छह की गिनती तक धीरे साँस छोड़िए, पाँच बार।
जिस निर्णय के चारों ओर आप घूम रहे हैं, वह ले लीजिए; पूरी योजना नहीं, केवल अगला क़दम लिखिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
शुक्ल अर्धचन्द्र
प्रयास
रविवार, 20 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · नवमी
प्रकाश61%
पक्ष-बल57%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
नवमी (9/15 · तक 17:52)
नक्षत्र
पूर्वाषाढा
चन्द्र राशि
धनु
चन्द्र–सूर्य कोण
102.7°
तिथि के स्वामी
भुजग (नाग) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
आधा बिम्ब प्रकाशित है और उजाला बढ़ रहा है। योजनाओं को पहली रुकावट इन्हीं दिनों मिलती है; थोड़ा घर्षण गति का ही चिह्न है। इसका उत्तर शरीर से दीजिए — चलिए, साँस लीजिए, और निर्णय कीजिए।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
दिन के सबसे कठिन काम से पहले बीस मिनट तेज़ चलना या सूर्य-नमस्कार।
चिड़चिड़ाहट उठे तो छह की गिनती तक धीरे साँस छोड़िए, पाँच बार।
जिस निर्णय के चारों ओर आप घूम रहे हैं, वह ले लीजिए; पूरी योजना नहीं, केवल अगला क़दम लिखिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णता की ओर
परिपाक
सोमवार, 21 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · दशमी
प्रकाश70%
पक्ष-बल63%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
दशमी (10/15 · तक 20:01)
नक्षत्र
उत्तराषाढा
चन्द्र राशि
धनु
चन्द्र–सूर्य कोण
113.7°
तिथि के स्वामी
धर्म Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा लगभग पूर्ण है और शुक्ल पक्ष अपने बल पर है — शास्त्र इस समय सौम्य ग्रहों को बलवान् मानते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३.३८)। मन मिलनसार और तेज़ है। भावनाएँ भी बड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अच्छी संगति और पूरी नींद दीजिए।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
काम और भोजन बाँटिए — मित्रों या परिवार के साथ कुछ तय कीजिए।
नींद की रक्षा कीजिए: उजली रातें उसे छोटा करती हैं। परदे खींचिए और सोने का समय निश्चित रखिए।
नया आरम्भ नहीं, निखार — बालचन्द्र पर शुरू किए काम को सँवारिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णता की ओर
परिपाक
मंगलवार, 22 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · एकादशी
प्रकाश78%
पक्ष-बल69%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
एकादशी (11/15 · तक 21:44)
नक्षत्र
उत्तराषाढा
चन्द्र राशि
मकर
चन्द्र–सूर्य कोण
124.7°
तिथि के स्वामी
ईश (रुद्र) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
नन्दा “आनन्द देने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा लगभग पूर्ण है और शुक्ल पक्ष अपने बल पर है — शास्त्र इस समय सौम्य ग्रहों को बलवान् मानते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३.३८)। मन मिलनसार और तेज़ है। भावनाएँ भी बड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अच्छी संगति और पूरी नींद दीजिए।
नन्दा — जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
एकादशी — ग्यारहवीं तिथि, विष्णु के लिए व्रत का दिन। आज हल्का आहार (फल, एक अन्न-रहित भोजन) भी शरीर को विश्राम और ध्यान को स्थिरता देता है।
तीन सहायक उपाय
काम और भोजन बाँटिए — मित्रों या परिवार के साथ कुछ तय कीजिए।
नींद की रक्षा कीजिए: उजली रातें उसे छोटा करती हैं। परदे खींचिए और सोने का समय निश्चित रखिए।
नया आरम्भ नहीं, निखार — बालचन्द्र पर शुरू किए काम को सँवारिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णता की ओर
परिपाक
बुधवार, 23 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · द्वादशी
प्रकाश86%
पक्ष-बल76%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
द्वादशी (12/15 · तक 22:51)
नक्षत्र
श्रवण
चन्द्र राशि
मकर
चन्द्र–सूर्य कोण
136°
तिथि के स्वामी
सविता (सूर्य) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
चन्द्रमा लगभग पूर्ण है और शुक्ल पक्ष अपने बल पर है — शास्त्र इस समय सौम्य ग्रहों को बलवान् मानते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३.३८)। मन मिलनसार और तेज़ है। भावनाएँ भी बड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अच्छी संगति और पूरी नींद दीजिए।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
काम और भोजन बाँटिए — मित्रों या परिवार के साथ कुछ तय कीजिए।
नींद की रक्षा कीजिए: उजली रातें उसे छोटा करती हैं। परदे खींचिए और सोने का समय निश्चित रखिए।
नया आरम्भ नहीं, निखार — बालचन्द्र पर शुरू किए काम को सँवारिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णता की ओर
परिपाक
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · त्रयोदशी
प्रकाश92%
पक्ष-बल82%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
त्रयोदशी (13/15 · तक 23:19)
नक्षत्र
धनिष्ठा
चन्द्र राशि
कुम्भ
चन्द्र–सूर्य कोण
147.6°
तिथि के स्वामी
मन्मथ (काम) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा लगभग पूर्ण है और शुक्ल पक्ष अपने बल पर है — शास्त्र इस समय सौम्य ग्रहों को बलवान् मानते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३.३८)। मन मिलनसार और तेज़ है। भावनाएँ भी बड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अच्छी संगति और पूरी नींद दीजिए।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
प्रदोष — त्रयोदशी; सन्ध्या का समय शिव का है। गोधूलि शान्ति से बिताइए: एक दीप, कुछ मिनट की स्थिरता।
तीन सहायक उपाय
काम और भोजन बाँटिए — मित्रों या परिवार के साथ कुछ तय कीजिए।
नींद की रक्षा कीजिए: उजली रातें उसे छोटा करती हैं। परदे खींचिए और सोने का समय निश्चित रखिए।
नया आरम्भ नहीं, निखार — बालचन्द्र पर शुरू किए काम को सँवारिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णता की ओर
परिपाक
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · चतुर्दशी
प्रकाश97%
पक्ष-बल89%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
चतुर्दशी (14/15 · तक 23:07)
नक्षत्र
शतभिषा
चन्द्र राशि
कुम्भ
चन्द्र–सूर्य कोण
159.5°
तिथि के स्वामी
कलि Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा लगभग पूर्ण है और शुक्ल पक्ष अपने बल पर है — शास्त्र इस समय सौम्य ग्रहों को बलवान् मानते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३.३८)। मन मिलनसार और तेज़ है। भावनाएँ भी बड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें अच्छी संगति और पूरी नींद दीजिए।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
काम और भोजन बाँटिए — मित्रों या परिवार के साथ कुछ तय कीजिए।
नींद की रक्षा कीजिए: उजली रातें उसे छोटा करती हैं। परदे खींचिए और सोने का समय निश्चित रखिए।
नया आरम्भ नहीं, निखार — बालचन्द्र पर शुरू किए काम को सँवारिए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
पूर्णिमा का चन्द्र
पूर्णता
शनिवार, 26 सितंबर 2026
शुक्ल पक्ष · पूर्णिमा
प्रकाश99%
पक्ष-बल95%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
पूर्णिमा (15/15 · तक 22:19)
नक्षत्र
पूर्व भाद्रपद
चन्द्र राशि
मीन
चन्द्र–सूर्य कोण
171.7°
तिथि के स्वामी
विश्वेदेव Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
आज का मन
पूरा बिम्ब चमक रहा है — पराशर पूर्ण चन्द्र को शुभ ग्रहों में प्रथम रखते हैं (बृ.पा.हो.शा. ३५.९)। मन ज्वार पर है: स्नेह, भक्ति और सृजन प्रबल हैं, और बेचैनी भी हो सकती है। इस पूर्णता को एक पात्र दीजिए — प्रार्थना, संगीत, कृतज्ञता।
पूर्णा — पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
तीन सहायक उपाय
दस मिनट चाँदनी में बैठिए; आँखों को बिम्ब पर टिकाइए और साँस को धीमा होने दीजिए।
आज रात कैफ़ीन और देर तक स्क्रीन से बचिए; नींद हल्की रहती है।
पाँच बातों की कृतज्ञता-सूची लिखिए, या गाइए — भजन, कीर्तन, कुछ भी जो खुलकर गाया जाए।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता पूर्णचन्द्र
बाँटना
रविवार, 27 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · प्रतिपदा
प्रकाश100%
पक्ष-बल98%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
प्रतिपदा (1/15 · तक 20:59)
नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
चन्द्र राशि
मीन
चन्द्र–सूर्य कोण
184.2°
तिथि के स्वामी
ब्रह्मा Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
नन्दा “आनन्द देने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
नन्दा — जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता पूर्णचन्द्र
बाँटना
सोमवार, 28 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · द्वितीया
प्रकाश98%
पक्ष-बल91%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
द्वितीया (2/15 · तक 19:14)
नक्षत्र
रेवती
चन्द्र राशि
मीन
चन्द्र–सूर्य कोण
197°
तिथि के स्वामी
विधाता Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
भद्रा “कल्याणमयी”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
भद्रा — स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता पूर्णचन्द्र
बाँटना
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · तृतीया
प्रकाश93%
पक्ष-बल83%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
तृतीया (3/15 · तक 17:11)
नक्षत्र
अश्विनी
चन्द्र राशि
मेष
चन्द्र–सूर्य कोण
210°
तिथि के स्वामी
हरि (विष्णु) Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
जया “विजय देने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
जया — संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
ढलता पूर्णचन्द्र
बाँटना
बुधवार, 30 सितंबर 2026
कृष्ण पक्ष · चतुर्थी
प्रकाश86%
पक्ष-बल76%
पक्ष-बल — षड्बल में चन्द्रमा का पक्ष-बल: सूर्य से उसकी दूरी, १८०° में से.
तिथि
चतुर्थी (4/15 · तक 14:56)
नक्षत्र
भरणी
चन्द्र राशि
मेष
चन्द्र–सूर्य कोण
223.2°
तिथि के स्वामी
यम Bṛhat Saṁhitā 98.1
तिथि वर्ग
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
आज का मन
चन्द्रमा हर रात देर से उगता है, फिर भी प्रकाश में उदार है। पूर्णिमा ने जो जगाया, मन उसे पचाता है। सिखाने, धन्यवाद देने और बाँटने का अच्छा समय है।
रिक्ता — खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
तीन सहायक उपाय
कुछ दान कीजिए — अन्न, वस्त्र, समय। उदारता मन को उठाने का सबसे पुराना उपाय है।
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सप्ताह की बातें कीजिए; मन की बात बोलकर कहिए।
रात के भोजन के बाद धीमी सैर, फ़ोन के बिना।
चन्द्र का जप
ॐ सोमाय नमः
चन्द्र का नाम-मन्त्र — “ॐ, सोम को नमस्कार”। ग्यारह धीमे जप, चन्द्रमा या दीप की ओर मुख करके।
जिस तिथि का नाम ही आनन्द है। एक छोटा-सा सुख जान-बूझकर चुनिए — संगीत, मनपसन्द भोजन, या उस व्यक्ति से बात जो आपको हँसाता है।
भद्रा “कल्याणमयी”
2 · 7 · 12
स्थिरता का दिन। आज दिनचर्या ही औषधि है: समय पर भोजन, सुव्यवस्थित मेज़, और जल्दी सोना।
जया “विजय देने वाली”
3 · 8 · 13
संकल्प का दिन। जिस एक काम को आप टाल रहे हैं, उसे चुनकर पूरा कीजिए — छोटी जीत पूरे मन को उठा देती है।
रिक्ता “रिक्त करने वाली”
4 · 9 · 14
खाली करने का दिन: एक दराज़, एक इनबॉक्स, एक मन-मुटाव साफ़ कीजिए। पंचांग नए आरम्भ दूसरे दिनों के लिए रखते हैं, इसलिए यह छोड़ देने का उत्तम दिन है।
पूर्णा “पूर्ण करने वाली”
5 · 10 · 15
पूर्णता का दिन। जो पहले से पूरा है उसे गिनिए — सोने से पहले तीन अच्छी बातें लिख लीजिए।
मन के लिए चन्द्रमा क्यों
कमलजविधातृहरियमशशांकषड्वक्त्रशक्रवसुभुजगाः ।
धर्मेशसवितृमन्मथकलयो विश्वे च तिथिपतयः ॥ ९८.१॥
ब्रह्मा (कमलज), विधाता, हरि (विष्णु), यम, चंद्रमा, षड्वक्त्र (स्कंद), इंद्र, वसु, सर्प; धर्मेश, सविता (सूर्य), मन्मथ (काम), कला (शिव), तथा विश्वेदेव — ये तिथियों के स्वामी हैं।
कृष्ण पक्ष में क्रूर (पाप) ग्रह बलवान् होते हैं; शुक्ल पक्ष में सौम्य (शुभ) ग्रह वीर्ययुक्त होते हैं। उत्तरायण में सौम्य ग्रह बलवान् होते हैं; दक्षिणायन में शेष (पाप ग्रह) बलवान् होते हैं।
ये पाठ और सुझाव इन शास्त्रीय अर्थों पर होरा के अपने चिन्तन हैं — रोज़मर्रा की आत्म-देखभाल, परम्परा की शुभकामना के साथ। यदि उदासी, घबराहट या अनिद्रा दो सप्ताह या अधिक रहे, तो कृपया चिकित्सक या मानसिक-स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात कीजिए।
चन्द्र चित्र: Solar System Scope (CC BY 4.0), हर दिन के वास्तविक सूर्य-कोण से प्रकाशित।